Water Bottles: पानी की बोतल में होते हैं स्मार्ट फोन से भी ज्यादा बैक्टीरिया, इससे टॉयलेट सीट भी ज्यादा साफ

पानी की बोतल आपको बीमार बना सकती है।

पानी की बोतल आपको बीमार बना सकती है।

Bacteria in Reusable Water Bottles: एक पानी की बोतल का भारत में तब तक इस्तेमाल किया जाता है, जब तक की वह पूरी तरह से खराब होकर फेंकने लायक ना हो जाए। हम कोई सॉफ्ट ड्रिंक भी खरीदते हैं, तो उसकी बोतल को भी 2-3 बार इस्तेमाल किये बिना फेंकते नहीं हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह बोतल आपकी सेहत के लिए कितनी हानिकारक साबित हो सकती है। दरअसल, बैक्टीरिया और टॉक्सिन्स हमारे आसपास तो क्या हर जगह मौजूद होते हैं। टेबल से लेकर किताबों तक किचन से लेकर बेडरूम तक, यहां तक कि इंसानों द्वारा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाले स्मार्टफोन्स पर भी बहुत से जानलेवा बैक्टीरिया रहते हैं। लेकिन पुरे घर में एक जगह ऐसी भी होती है, जहां कीटाणु सबसे ज्यादा पाए जाते हैं। यह जगह बाथरूम है, हम सभी जानते हैं यहां बैक्टीरिया होते ही हैं। यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं है, लेकिन अगर हम आपको कहें कि रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली एक ऐसी चीज भी है, जिसपर टॉयलेट सीट की तुलना में 40 हजार गुना ज्यादा कीटाणु पाए जाते हैं।

पानी की बोतल पर होते हैं टॉयलेट सीट से भी ज्यादा कीटाणु

यह जानकर आप हैरान और परेशान दोनों हो जाएंगे, लेकिन रीयूजेबल पानी की बोतल पर टॉयलेट सीट से भी ज्यादा कीटाणु पाए जाते हैं। अमेरिका स्थित वॉटर फिल्टर गुरु डॉट कॉम के विशेषज्ञों की एक टीम ने दावा किया कि उन्हें स्टडी में इस बात का पता चला है। हफपोस्ट द्वारा रिपोर्ट की गई एक स्टडी के मुताबिक, शोधकर्ताओं की एक टीम ने खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने पानी की बोतल के कई हिस्सों से स्वैब लिए, जिसमें बोतल का ढक्कन, मुंह और ऊपरी हिस्सा शामिल है। उन्हें इन जगहों से दो तरह के बैक्टीरिया मिले- bacilios और ग्राम-नेगेटिव रॉड्स। एक्सपर्ट्स ने कहा कि पानी की बोतल को लोग नुकसान पहुंचाने वाली चीज नहीं मानते। जबकि, सच्चाई इससे बहुत ही ज्यादा अलग है। शोधकर्ताओं ने बताया कि बोतल पर पाया जाने वाला ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया ऐसे संक्रमण का कारण बन सकता है, जिस पर एंटीबायोटिक भी असर नहीं करती। वहीं bacillus शरीर में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल दिक्कतों की वजह बनता है।

बोतलों पर घर की इन चीजों से भी ज्यादा होते हैं कीटाणु  

बता दें कि एक्सपर्ट्स ने बोतल की साफ सफाई की तुलना घर में रखी दूसरी चीजों से भी की। उन्होंने बताया कि पानी की बोतल पर किचन के सिंक से दो गुना ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं, कंप्यूटर के माउस से चार गुना और पेट्स के पानी के बाउल से 14 गुना ज्यादा गंदगी होती है। इसके अलावा हमारा मुंह भी कई माइक्रोब्स और बैक्टीरिया का घर होता है, यही वजह होती है कि पानी के बर्तन भी बैक्टीरिया से भरे होते हैं। यानी की कुल मिलाकर पानी की बोतल का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है। इसकी साफ-सफाई बहुत जरुरी है। बताते चलें कि बोतल में हजारों की तादाद में बैक्टीरिया पनप सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पानी की बोतल हमारे लिए किसी तरह का कोई खतरा बन जाती हैं। बोतल से पानी पीकर कभी कोई इंसान बीमार नहीं पड़ा, क्योंकि बोतल में जितने बैक्टीरिया होते हैं, वहीं हमारे मुंह में भी मौजूद होते हैं। इसी तरह पानी का नल भी खतरनाक नहीं होता है।

जानिए पानी को कैसे करें स्टोर

रिसर्च में यह भी पाया गया है कि जो बोतल ऊपर से दबाकर इस्तेमाल करने वाली होती हैं, वह सबसे सुरक्षित होती हैं। इसकी तुलना में ढक्कन, स्ट्रॉ फिटेड बोतलों में ज्यादा बैक्टीरिया पाए जाते हैं। शोधकर्ताओं की मानें तो पानी की बोतल को दिन में कम से कम एक बार साबुन गर्म पानी या फिर हफ्ते में एक बार इसे सैनिटाइज जरूर करना चाहिए।

यहां देखिये पानी की बोतलों को साफ करने के लिए टिप्स:-

- कैसे करें कांच की बोतल की सफाई

आजकल घरों में कांच की रंग बिरंगी बोतलों का इस्तेमाल ज्यादा होने लग गया है। यह फैंसी दिखती हैं और उनकी देखभाल भी प्लास्टिक की बोतलों के मुकाबले ज्यादा करनी चाहिए। कांच की बोतलों को अगर साफ ना किया जाए, तो उनमें दाग-धब्बे पड़ने लगते हैं और उनमें से बदबू आने लगती है। इसलिए उन्हें साफ करने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जाता हैं। डिश सोप और गुनगुने पानी से अच्छी तरह बोतल को साफ करें और फिर उन्हें अच्छी तरह सुखाकर ही इस्तेमाल करें।

- कैसे करें प्लास्टिक की बोतल की सफाई

प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल भारतीय घरों में बहुत ही आम बात होती है। यह ड्यूरेबल होती है और कांच बोतलों की तरह इनके टूटने का कोई डर नहीं होता। इसके साथ ही यह हल्की होती हैं और इन्हें आराम से कहीं भी कैरी किया जा सकता है। मगर प्लास्टिक की बोतलों में सबसे ज्यादा कीटाणु पनपते हैं। आपने नोटिस किया होगा कि लंबे समय तक उन्हें न धोने पर उनसे गंदी स्मेल भी आने लगती है। इसी कारण इन्हें हर 4-6 महीने में बदलना चाहिए और हर दूसरे दिन धोना चाहिए। इन्हें गर्म पानी से धोना नहीं चाहिए वरना यह खराब हो सकती हैं। इसके लिए पानी को हल्का गुनगुना रखें और डिश सोप से बोतल को अच्छी तरह साफ करें।

- कैसे करें स्टेनलेस स्टील की बोतल की सफाई

ऑफिस और स्कूलों में ज्यादातर लोग स्टेनलेस स्टील की बोतलें इस्तेमाल करते हैं। इन्हें कैरी करना आसान होता है और यह दिखने में भी बहुत सुंदर होती हैं। मगर बाहर से क्लासी दिखने वाली यह बोतल अंदर से कितनी गंदी हो सकती है इसका किसी को कोई अंदाजा नहीं है। इन बोतलों को साफ रखने के लिए आपको हर हफ्ते विनेगर और गर्म पानी से धोकर सुखाना चाहिए। इसके साथ ही बाहर स्टेनलेस स्टील को हल्के हाथों से रगड़ते हुए साफ करना चाहिए।



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Water Bottles: पानी की बोतल में होते हैं स्मार्ट फोन से भी ज्यादा बैक्टीरिया, इससे टॉयलेट सीट भी ज्यादा साफ Water Bottles: पानी की बोतल में होते हैं स्मार्ट फोन से भी ज्यादा बैक्टीरिया, इससे टॉयलेट सीट भी ज्यादा साफ Reviewed by HealthTak on March 15, 2023 Rating: 5

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