UK की इस तकनीक से पहले ही चल जाएगा आने वाली महामारी का पता, जानें क्या है Genetic Early Warning System

जेनेटिक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम बहुत काम की तकनीक है।

जेनेटिक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम बहुत काम की तकनीक है।

Know What Is Genetic Early Warning System: कोरोना वायरस की पिछली लहरों ने देश ही नहीं पूरी दुनिया में जमकर कोहराम मचाया है। देश में लाखों लोग इस वायरस की चपेट में आए थे और हजारों लोगों की मौत भी हो गई थी। हालांकि, लोगों ने कोरोना को हल्के में लेना शुरू कर दिया था। कुछ लापरवाहियों के चलते भारत में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट आ गया है, यह लोगों की जान के लिए खतरा बन गया है। इसका मौजूदा XBB.1.16 वैरिएंट पिछले वैरिएंट्स के मुकाबले बहुत ही ज्यादा संक्रामक है। कोरोना वायरस ने विश्व को अचानक ही अपनी चपेट में ले लिया था, इसी तरह कोई अन्य महामारी भविष्य में संकट ना बन जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए तमाम साइंटिस्ट जुटे हुए हैं। ऐसे में भविष्य में आने वाली महामारियों का पहले से पता लगाने को लेकर नई तकनीक विकसित करने की कोशिश की जा रही है।

पहले ही चल सकेगा महामारी का पता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनाइटेड किंगडम में कोरोना जैसी महामारी से पहले ही निपटने के लिए काम किया जा रहा है। 'वेलकम सेंगर इंस्टीट्यूट' के रिसर्चर इसी तकनीक पर काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य ऐसी टेक्नोलॉजी बनाना है, जो श्वसन वायरस, बैक्टीरिया और फंगी के उभरने के साथ ही जेनेटिक चेंजेस की निगरानी करने में मदद करेगा। इस तकनीक का नाम जेनेटिक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम रखा गया है। बता दें कि इस सिस्टम के जरिए पूरी दुनिया के वायरसों पर निगरानी रखी जा सकती है। इसमें इंफ्लूएंजा वायरस, रेस्पिरेटरी सिनशियल वायरस, कोरोना वायरस और अन्य पुराने पैथोजन की निगरानी शामिल हैं।

आइए जानें क्या है ये तकनीक

ब्रिटिश डेली समाचारपत्र द गार्डियन में इस नई तकनीक को लेकर स्टडी पब्लिश की गई है। इसमें शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कोरोना जैसे कई अन्य वायरस भविष्य में भी खतरे के रूप में उभर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी तकनीक विकसित की जा रही है, जिससे भविष्य में विकसित हो रहे कोरोना के नए वेरिएंट की जानकारी पहले से मिल सकेगी। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस सिस्टम को बनाने वाले प्रोजेक्ट का लक्ष्य था रेस्पिरेटरी वायरस और माइक्रोबायोम इनिशिएटिव का पता करना। इस तरह ऐसी डीएनए सिक्वेसिंग टेक्नोलॉजी बनाई जा बनाई जा सके जो वायरल, बैक्टीरियल और फंगल प्रजातियों के फैलने और भविष्य में आने वाली महामारियों का पता कर सके। बता दें कि इस टेस्ट में नाक से लिए गए सैंपल को आधार माना जाएगा। 



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UK की इस तकनीक से पहले ही चल जाएगा आने वाली महामारी का पता, जानें क्या है Genetic Early Warning System UK की इस तकनीक से पहले ही चल जाएगा आने वाली महामारी का पता, जानें क्या है Genetic Early Warning System Reviewed by HealthTak on April 04, 2023 Rating: 5

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