कोरोना वायरस के बाद दिख रहे ये लक्षण।
कोरोना वायरस के बाद दिख रहे ये लक्षण।
Post Coronavirus Effects: कोरोना वायरस (Coronavirus) का खतरा अब भी मंडरा रहा है। हाल के दिनों में कोविड संक्रमितों से जुड़े मामले तेजी से बढ़ने लगे थे। ऐसे में पिछली कोविड लहरों के अंदर लोगों ने इस संक्रमण से जुड़े लक्षणों और बचाव के बारे में बहुत कुछ जाना था। इस बीमारी के लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ और सांस उखड़ने की परेशानी सबसे प्रमुख है। हालांकि, क्या आप इसके पीछे की वजह जानते हैं। अगर नहीं, तो ब्रिटेन की एक स्टडी में पाया गया कि कोविड से संक्रमित लोग, जिन्हें रातभर नींद नहीं आती थी, उन्हें सांस उखड़ने की परेशानी या फिर सांस न आने की दिक्कत सबसे ज्यादा होती थी।
कोविड ठीक होने के बाद भी लोगों में दिखते हैं ये लक्षण
इस स्टडी में शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि अस्पताल में भर्ती 62 फीसदी मरीजों को रात में नींद नहीं आने की परेशानी थी, जो तकरीबन 12 महीने तक चलता रहा। इन मरीजों में कोविड ठीक होने के बाद भी दो लक्षण दिखाई दिए, वह सांस लेने में परेशानी और रात को बार-बार नींद खुलना थे। वहीं, जो मरीज कोविड से संक्रमण होने पर अस्पताल में भर्ती हुए और एक घंटा ज्यादा सोएं फिर भी उनका स्लीपिंग साइकिल (Sleeping Cycle) दूसरे लोगों के मुकाबले पहले से ज्यादा खराब था। कोविड के ये मरीज दूसरे मरीजों से अलग थे। स्टडी में पाया गया कि कोविड से ठीक होने के बाद जिन लोगों को रात में बार-बार नींद खुलने की दिक्कत थी, उनमें एंग्जाइटी और मांसपेशियों की कमजोरी जैसे दो आम लक्षण भी शामिल थे।
स्टडी में कई बातें नहीं हैं स्पष्ट
स्टडी में शोधकर्ताओं ने पाया कि नींद में बार-बार खलल न सिर्फ सांस उखड़ने की वजह बन रही है, बल्कि इस वजह से मांसपेशियों के काम करने की क्षमता में भी कमी आई है। यही वजह है कि इंसान में एंग्जाइटी पहले के मुकाबले ज्यादा बढ़ गई है। स्टडी में शोधकर्ताओं ने ये अंदाजा लगाया कि कोविड मरीजों में एंग्जाइटी को कम और मांसपेशियों की ताकत को बढ़ाकर, शायद बार-बार नींद खुलने की परेशानी को सुधारा जा सकता है। हालांकि, इस विषय में कोई स्पष्टता नहीं है, इस मामले में अभी और अध्ययन किए जाएंगे।
खुद मरीजों ने गिनाई ये परेशानियां
इस स्टडी में शामिल 638 मरीजों ने शोधकर्ताओं को नींद की खराब क्वालिटी के बारे में खुद बताया था। स्टडी में पुख्ता जानकारियों के लिए मरीजों के लिए स्मार्टवॉच जैसे उपकरणों का यूज किया गया, इस तरह रात के वक्त उनकी बॉडी की गतिविधियों के लेवल की जांच की जा सके। स्टडी में ये पाया गया कि कोविड (Covid 19) से अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों की रात में नींद बार-बार खुलने की परेशानी ज्यादा थी। यहां हम ये मान सकते हैं कि कोविड से ठीक होने के बाद भी मरीजों में सांस को लेकर कई समस्याएं देखी गई हैं।
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