Seasonal affective disorder: मसम क बदलव क सथ उदस हन ठक नह जन वजह

बदलते मौसम में भावनात्मक विकार की समस्या को अनदेखा करना ठीक नहीं। 

बदलते मौसम में भावनात्मक विकार की समस्या को अनदेखा करना ठीक नहीं। 

Seasonal Affective Disorder: हम सभी के अंदर कई तरह की भावनाएं होती हैं। समय-समय पर अपनी भावनाओं को सबके समक्ष व्यक्त करते रहते हैं। कभी हम खुश होते हैं और कभी दुखी, लेकिन किसी हर तरह की भावनाओं को निकल जाना अति आवश्यक है। खासकर दुखी होने पर ज्यादातर लोग खामोश हो जाते हैं। अगर समय पर उन्होंने अपने दुख को किसी से साझा नहीं किया तो वो डिप्रेशन में जाने लगते हैं। खास बात है कि कई बार बिना किसी वजह के लोग डिप्रेशन के शिकार होने लगते हैं। गर्मी हो या सर्दी, ऐसे लोग चिड़चिड़ापन महसूस करने लगते हैं। इसे अंग्रेजी में (seasonal affective disorder) या SAD भी कहते हैं। आज हम आपको SAD के बारे में और इसके इलाज के बारे में बताएंगे।

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क्या है SAD

कई लोगों ऐसे होते हैं, जो बदलते हुए मौसम में मूड स्विंग और उदासी जैसी समस्याओं के शिकार हो जाते हैं। अक्सर ये लोग सर्दी या बारिश के मौसम में काफी उदास या शांत नजर आते हैं। इसे आप सीजनल डिप्रेशन कह सकते हैं। सीजनल डिप्रेशन का प्रभाव हमारी दैनिक दिनचर्या और व्यवहार पर भी पड़ता है। ऐसे कई लोग होते हैं, जो मानसिक रूप से इससे काफी प्रभावित हो जाते हैं। हालांकि, ये कई प्रकार का होता है। सीजनल डिप्रेशन गर्मी और सर्दी या बरसात, किसी भी मौसम में हो सकता है। इसके दौरान हमको कई बार चिड़चिड़ापन का अनुभव भी होने लगता है। आप इससे निपटने के लिए कुछ आसान से उपाय अपना सकते हैं, जिससे आपको इस समस्या से काफी आराम मिल सकता है। इससे पहले आपको इसके कुछ लक्षण बताते हैं।

ये हैं सीजनल डिप्रेशन के लक्षण

चीजें भूलना और भूख न लगना

खराब मूड और काम पर फोकस न कर पाना

चिड़चिड़ापन और ज्यादा गुस्सा आना

नींद का पूरा न होना

एनर्जी लेवल में बदलाव

हमेशा उदास और निराश महसूस करना

रूटीन फॉलो न कर पाना

सर्दियों में होने वाले सीजनल डिप्रेशन

सर्दी के मौसम में सूर्य की रोशनी न मिलने के वजह से। सर्दियों में कुछ लोगों के ब्रेन में सेराटोनिन केमिकल की मात्रा काफी कम हो जाती है। आपको बता दें कि सर्दी में अधिक नींद के वजह से शरीर में मेलाटोनिन की मात्रा का अधिक हो जाता है, जिसकी वजह से आप अधिक सोने के कारण भी डिप्रेशन के समस्या के शिकार हो सकते हैं। इस वजह से आपका वजन भी काफी बढ़ सकता है।

गर्मी में सीजनल डिप्रेशन

अधिक गर्मी के वजह से नींद पूरी न होने पर भी आपको चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है और आप इस बीमारी के शिकार हो सकते हैं। तेज धूप के वजह से लोगों को डिहाईड्रेशन हो जाता है और उन्हें गुस्सा अधिक आने लगता है। गर्मी में मेलाटोनिन हार्मोन के अधिक हो जाने के कारण कम नींद आने की समस्या होती है, जिससे आपको डिप्रेशन की समस्या हो सकती है।

सीजनल डिप्रेशन से कैसे बचें

आप अपने डाइट में बदलाव कर सकते हैं।

रोज योग करना चाहिए।

समय पर भोजन करना चाहिए।

7 से 8 घंटे सोना चाहिए।

लोगों से मिलना चाहिए।

रोड साइड खाने से परहेज करें।

ज्यादा समस्या होने पर डॉक्टर की राय जरूर लें।

Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाओं की Haribhoomi.com पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।



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Seasonal affective disorder: मसम क बदलव क सथ उदस हन ठक नह जन वजह Seasonal affective disorder: मसम क बदलव क सथ उदस हन ठक नह जन वजह Reviewed by HealthTak on July 05, 2023 Rating: 5

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