रोजा खोलते वक्त सबसे पहले खजूर का सेवन किया जाता है।
रोजा खोलते वक्त सबसे पहले खजूर का सेवन किया जाता है।
Ramadan 2023: रमजान का मुबारक महीना चल रहा है। दुनियाभर के मुसलमान इन 30 दिनों में रोजा रखते हैं। बता दें कि इस्लाम धर्म में रमजान के महीने का बहुत ही खास महत्व होता है। रमजान के दिनों में पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए रहने के बाद लोग शाम को अपना रोजा खोलते हैं। रोजा खोलने को इस्लाम धर्म में इफ्तार कहा जाता है। आपने अक्सर ये देखा होगा कि इस्लाम धर्म में लोग खजूर का सेवन करके अपना रोजा खोलते हैं। यहां सवाल ये उठता है कि खजूर का सेवन करके ही क्यों रोजा खोला जाता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसी सवाल का जवाब देने वाले हैं।
खजूर को लेकर इस्लामिक मान्यता
अगर धार्मिक मान्यताओं को लेकर बात करें, तो इस्लाम में खजूर को सुन्नत माना जाता है। ऐसा कहते हैं कि पैगंबर मोहम्मद का पसंदीदा फल खजूर था। इसी वजह से मुस्लिम धर्म के लोग अपना रोजा खजूर से ही खोलते हैं। यह हुई आस्था और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी बात, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खजूर खाने से शरीर को भी बहुत लाभ होता है। यह हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है।
जानिए खजूर को लेकर क्या कहता है साइंस
- शरीर को मिलती है इंस्टेंट एनर्जी: अगर विज्ञान की मानें तो खजूर का सेवन करने से हमारे शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है। यही कारण है कि रोजा खोलने के लिए सबसे पहले खजूर खाना बहुत लाभकारी होता है। रोजा रखने के बाद इंसान पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए रहता है। इस वजह से शरीर में एनर्जी का लेवल बहुत कम हो जाता है। यही कारण है कि रोजा खोलने के लिए सबसे पहले खजूर खाकर शरीर में इंस्टेंट एनर्जी का संचार किया जाता है। साथ ही, खजूर पाचन संबंधी समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
- खजूर में होता है न्यूट्रिएंट्स का खजाना: विशेषज्ञों के मुताबिक, नॉर्मल दिनों में भी लोगों को खाली पेट खजूर खाना चाहिए। खजूर में बहुत ज्यादा मात्रा में फाइबर, आयरन, कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन और कॉपर पाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ खजूर से शरीर को इतना फाइबर मिलता है, जिससे इंसान पूरे दिन एनर्जेटिक रह सकता है। खजूर खाने से आपको कमजोरी महसूस नहीं होगी।
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