एडेनोवायरस के कारण बच्चों ने गंवाई अपनी जान।
एडेनोवायरस के कारण बच्चों ने गंवाई अपनी जान।
Know What Is Adenovirus: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एडेनोवायरस के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात ये है कि यह वायरस बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। जिसकी वजह से पश्चिम बंगाल में 9 दिनों के अंदर 40 से ज्यादा बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं। इस वायरस के कारण स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गयी है। इन तमाम बच्चों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। इसी को लेकर बच्चों का इलाज भी चल रहा था। अब सवाल ये उठता है कि आखिरकार एडेनोवायरस क्या है, कैसे फैल रहा है और इस बीमारी के लक्षण क्या हैं।
आइये जानते हैं एडेनोवायरस क्या है
एडेनोवायरस वायरस Icosahedral Virus है, जिसे डबल डीएनए वाला वायरस भी कहा जाता है। ये वायरस 50 तरीके का होता है और इंसानों में संक्रमण का कारण बनता है। एडेनोवायरस सतहों पर रहते हैं, ध्यान देने वाली बात ये है कि एडेनोवायरस सबसे ज्यादा श्वसन संबंधी बीमारी का कारण बनता है। इसके साथ ही यह निमोनिया, ब्रोंकाइटिस जैसे लक्षणों को ट्रिगर कर सकता है। इससे संक्रमित व्यक्ति में हल्के और गंभीर दोनों तरह के लक्षण दिखायी देते हैं। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों में किसी को भी हो सकता है, क्योंकि इन दोनों के ही इम्यून सिस्टम और फेफड़े कमजोर होते हैं।
बच्चों में एडेनोवायरस के लक्षण और कारण
बच्चों में मल, दूषित पानी, गंदे डायपर और गंदे हाथों के कारण ये इंफेक्शन तेजी से फैलता है। इसके साथ ही यह वायरस स्विमिंग पूल, दूषित पानी और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैलता है।
एडेनोवायरस के लक्षण क्या है:-
- जुकाम
- बुखार
- सांस की नली में सूजन
- निमोनिया
- कंजंक्टिवाइटिस
- मूत्राशय का संक्रमण
- मैनिंजाइटिस और एन्सेफलाइटिस
यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों में ये लक्षण गंभीर भी हो सकता हैं, जिससे बच्चों की मौत हो सकती है।
बच्चों के फेफड़ों को स्ट्रांग बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्स:-
बच्चों को प्रदूषण वाली जगहों से दूर रखें, बाहर जाते समय मास्क जरूर पहनाएं। साथ ही उनकी डाइट का अच्छी तरह से ख्याल रखें। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलायें और इम्युनिटी बढ़ने के लिए हेल्दी चीजें खिलानी चाहिए।
- बच्चे के आसपास स्मोकिंग बिल्कुल ना करें।
- बच्चे को रोजाना Deep Breathing एक्सरसाइज करवाएं।
- बच्चे को ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और बींस खिलाएं।
- साथ ही सेब, बीटरूट, साग, कद्दू, हल्दी, ब्लूबेरी और ड्राई फ्रूट्स आदि भी खिलाएं।
- बच्चे को बीमार व्यक्ति से जितना हो सके दूर रखें।
- थोड़ी-थोड़ी देर पर बच्चों के हाथ धुलवाएं।
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