पालतू बिल्ली के काटने पर कटवानी पड़ी उंगली... 1 महीने में हुए 15 ऑपरेशन, फिर भी नहीं बची जान

पालतू बिल्ली के काटने के बाद गयी शख्स की जान

पालतू बिल्ली के काटने के बाद गयी शख्स की जान

Flesh-eating bacteria: दुनिया में ऐसे बहुत से लोग होते हैं, जिन्हें पालतू जानवर बहुत पसंद होते हैं। लोग अपने घरों में कुत्ते और बिल्ली पालते हैं। यह जानवर उनके परिवार के सदस्य की तरह बन जाते हैं। क्या अपने कभी सोच है कि जिन जानवरों को आप इमोशनल सपोर्ट के लिए अपने घर लेकर आए थे। वहीं, जानवर आपकी मौत का कारण भी बन सकते हैं। जी हां, ऐसा ही एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल चार साल पहले एक डेनिश इंसान की उंगली को उसी की पालतू बिल्ली ने काट लिया था, जिसके बाद व्यक्ति के खून में मांस खाने वाले बैक्टीरिया (flesh-eating bacteria) फैल गए। इस डेनिश इंसान का नाम हेनरिक क्रेगबाउम प्लेटनर है।

दरअसल, 2018 में इस शख्स ने एक बिल्ली को अडॉप्ट किया था, इस बिल्ली ने शख्स की तर्जनी उंगली (index finger) पर काट लिया था। उसने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। कुछ घंटों बाद उसका हाथ अपने आकार से दोगुना हो गया। उसने एक डॉक्टर को फोन किया, लेकिन उसे अगले दिन तक इंतजार करने के लिए कहा गया। कई परामर्शों के बाद वह डेनमार्क के कोल्डिंग अस्पताल में पहुंचा। वहां वे एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहा, इस दौरान उसके 15 ऑपरेशन हुए। ऑपरेशन के चार महीने बाद भी उंगली ठीक से काम नहीं कर पाई और डॉक्टरों ने उंगली को काटने का फैसला किया। इस सबके बावजूद 33 वर्षीय प्लेटनर का स्वास्थ्य बिगड़ रहा था, उसकी मां ने स्थानीय मीडिया को बताया, 'उसका स्वास्थ्य बहुत उतार-चढ़ाव वाला था। कमजोर इम्युनिटी होने की वजह से निमोनिया, गाउट और मधुमेह की समस्या थी। बिल्ली ने ठीक ब्लड वेसल में काट लिया था और जब बिल्ली काटने के बाद अपना दांत बाहर निकालती है, तो छेद बंद हो जाता है और बैक्टीरिया फैल जाते हैं।'

डॉक्टरों को काटनी पड़ी उंगली

बिल्ली के काटने के महीनों बाद में संक्रमण फैला और डॉक्टरों को उनकी उंगली काटनी पड़ी। बिल्ली के काटने के घावों में टिशू संक्रमण आमतौर पर पाश्चुरेला मल्टीसिडा (Pasteurella multocida) नाम के रोगजनक जीवाणु के कारण होता है। कुछ मामलों में, यह कभी-कभी एक दुर्लभ जीवाणु संक्रमण का कारण बन सकता है, जिसे नेक्रोटाइज़िंग फासिसाइटिस (necrotizing fasciitis) कहा जाता है क्योंकि उसके काटने के लगभग तुरंत बाद घाव बंद हो जाता है, बैक्टीरिया वेंस के माध्यम से ब्लड फ्लो में प्रवेश कर गया और शरीर में फैलना शुरू हो गया था।

बैक्टेरियल इन्फेक्शन में क्या होता है?

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के मुताबिक नेक्रोटाइज़िंग फासिसाइटिस के कारण होने वाला संक्रमण ब्लड वेसल्स पर हमला करता है, जिससे थ्रोम्बोसिस (Thrombosis) होती है, जो ब्लड सप्लाई में बाधा दाल देती है। इस संक्रमण को रोकने के लिए सटीक निदान, तेजी से एंटीबायोटिक ट्रीटमेंट और जल्द से जल्द सर्जरी महत्वपूर्ण हैं। डॉक्टरों का कहना है कि नेक्रोटाइज़िंग फासिसाइटिस से सेप्सिस, सदमा, अंग विफलता, या अंगों के नुकसान से जीवन भर की जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बैक्टीरिया आमतौर पर स्किन में दरार के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं, जिसमें शामिल हैं:

कट्स और स्क्रेप्स

बर्न्स

कीड़े का काटना

पंचर घाव, जिसमें इंजेक्शन के माध्यम से बने घाव भी शामिल हैं

सर्जिकल घाव

संक्रमण के लक्षण

संक्रमण के कुछ लक्षण, जो जंगल की आग की तरह फैलते हैं, उनमें शामिल हैं:-

त्वचा का एक लाल, सूजा हुआ क्षेत्र जो तेजी से फैलता है।

गंभीर दर्द

उच्च बुखार

छाले या फफोले

संक्रमित क्षेत्र से मवाद या रिसाव

चक्कर आना

थकान और थकान

दस्त या मतली



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पालतू बिल्ली के काटने पर कटवानी पड़ी उंगली... 1 महीने में हुए 15 ऑपरेशन, फिर भी नहीं बची जान पालतू बिल्ली के काटने पर कटवानी पड़ी उंगली... 1 महीने में हुए 15 ऑपरेशन, फिर भी नहीं बची जान Reviewed by HealthTak on December 15, 2022 Rating: 5

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