वीक बोंस की वजह से होती है ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी, जानिए कारण, बचाव और उपचार

विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस 2019विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस 2019

आमतौर पर 45-50 साल की एज के बाद महिलाओं और पुरुषों के बोन डेंसिटी में गिरावट आने लगती है। बोंस वीक होने से ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो सकती है। आज हम इसके कारण, बचाव और उपचार के बारे में आपको बता रहे हैं। 


हड्डियों के ढांचे पर टिका हमारा शरीर, तभी तक फिट रहता है जब तक हमारी बोंस मजबूत हों। लेकिन हमारी हड्डियां ताउम्र मजबूत नहीं रहतीं। एज बढ़ने के साथ होने वाली ऑस्टियोपोरोसिस डिजीज बोंस को धीरे-धीरे कमजोर बना देती है। इससे फ्रैक्चर या हड्डी टूटने का रिस्क बहुत बढ़ जाता है। 

रोग के कारण: 

  • ऑस्टियोपोरोसिस होने के कई कारण हो सकते हैं।  
  • हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो ना करना।
  • कैल्शियम और विटामिन डी रिच डाइट ना लेना। इससे शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है। विटामिन डी, शरीर में आंतों से कैल्शियम अवशोषित कर हड्डियों तक पहुंचाता है, जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं।
  • हेरिडिटरी या फैमिली हिस्ट्री की वजह से।
  • महिलाओं को नियमित पीरियड्स ना होना या जल्दी मेनोपॉज होने से। 
  • टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज, हाइपर पैरा-थाइरॉयड, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, सिलिएक के पेशेंट्स, जिनका मेटाबॉलिज्म रेट गड़बड़ा जाता है और बोन डेंसिटी कम हो जाती है।
  • डेली एक्सरसाइज, योगा या एक्टिविटी वाले काम ना करना।
  • धूम्रपान और एल्कोहल का सेवन ज्यादा करना।

सिंपटंप्स-डायग्नोसिस: 

अगर शरीर के किसी भी भाग की बोंस में लंबे समय से बिना किसी चोट के दर्द हो रहा हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए क्योंकि यह बोंस डिजेनरेशन का संकेत हो सकता है। ऑस्टियोपोरोसिस की जांच के लिए बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) टेस्ट कराया जाता है। इसमें अगर बोन डेंसिटी-2.5 या उससे भी कम आती है, तो ऑस्टियोपोरोसिस डिजीज को प्रूफ करता है।

उपचार: 

ऑस्टियोपोरोसिस का उपचार मरीज की स्थिति के हिसाब से दो तरह से किया जाता है- पहले प्रकार के ट्रीटमेंट में बोंस डिजेनरेशन या टूटने को कम किया जाता है। दूसरा प्रकार बोन फॉर्मेशन स्टिमुलेट एजेंट ट्रीटमेंट है, जिससे बोंस फॉर्मेशन को बढ़ावा दिया जाता है। कंडीशन के हिसाब से ओरल मेडिसिन और साल में एक-दो बार इंजेक्शन लगाए जा सकते हैं। पेन मैनेजमेंट के लिए गुनगुने पानी से स्नान करने या हॉट बॉटल पैक से सिंकाई करने की सलाह दी जाती है। 

बचाव के उपाय:

ठीक समय पर डायग्नोज होने और समय रहते समुचित उपचार कराने पर भविष्य में फ्रैक्चर होने की संभावना को रोका जा सकता है। कम उम्र में हुआ ऑस्टियोपोरोसिस समुचित मेडिकल ट्रीटमेंट से ठीक हो सकता है। लेकिन बड़ी उम्र में प्राकृतिक रूप से हड्डियों के क्षरण की प्रक्रिया को मेडिसिन के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर कंट्रोल किया जा सकता है। 

  • महिलाओं को मेनोपॉज के बाद हर 5 साल में बीएमडी टेस्ट कराना चाहिए। पुरुषों को भी 55-60 साल की उम्र के बाद बीएमडी गोल्ड टेस्ट डेक्सा टेस्ट हर 5 साल में कराना चाहिए।
  • एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाएं, बॉडी वेट मेंटेन करें। व्यायाम और योग को दिनचर्या में शामिल करें।
  • डाइट में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम (1000-1200 मिग्रा) और विटामिन डी (1000-2000 इंटरनेशनल यूनिट) का सेवन करें। खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, बींस, ब्रोकली, चुकुंदर, केला, संतरा, सेब जैसे कैल्शियम से भरपूर फल-सब्जियो और अंजीर, अखरोट, बादाम जैसे ड्राई फ्रूट्स का नियमित सेवन करें। अंडे, मशरूम को भी आहार में शामिल करें।
  • दूध और दुग्ध पदार्थ को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।
  • फास्ट फूड और जंक फूड से परहेज करें। इनमें सोडियम या नमक ज्यादा मात्रा में होता है, जिसकी वजह से हड्डियों में कैल्शियम के अवशोषण में दिक्कत आती है।
  • बोंस को कमजोर बनाने वाले कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, कोल्ड ड्रिंक्स, कैफीन, चाय-कॉफी से परहेज करना चाहिए।  
  • डेली 25-30 मिनट की धूप सेंकें। गर्मियों में सुबह 11 बजे से पहले और शाम 6 बजे के बाद और सर्दियों में 11-4 बजे के बीच धूप ले सकते हैं।
  • सिटिंग जॉब करने वाले लोग हर 20 मिनट बाद खड़े हों और 5-10 मिनट टहलें या मसल्स को स्ट्रेच करके बैठें। लेटे या बैठे हुए भी अपने पैर हिलाते रहें, मसल्स को जोर से दबाएं और रिलैक्स करें। 
  • बच्चों को घर से बाहर जाकर खेलने के लिए प्रेरित करें। बड़े भी रोजाना 30-40 मिनट वॉकिंग या एक्सरसाइज करें।  
  • स्मोकिंग या एल्कोहल के सेवन से परहेज करें।


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वीक बोंस की वजह से होती है ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी, जानिए कारण, बचाव और उपचार वीक बोंस की वजह से होती है ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी, जानिए कारण, बचाव और उपचार Reviewed by HealthTak on November 12, 2022 Rating: 5

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