
सर्दी के मौसम। की सुबह, दोपहर और शाम के अलग-अलग रंग होते हैं। सुबह कोहरे की चादर चारों तरफ बिछी नजर आती है, दोपहर गुनगुनी धूप से सुहानी बन जाती है, वहीं शाम ठिठुरन पैदा करने वाली होती है। इस तरह सर्द मौसम का पूरा दिन कई रंग अपने में समेटे रहता है। यह मौसम प्रकृति की निराली छटा बिखरने के साथ, हमें अपनों के करीब जाने का मौका भी देता है। यह मौमस हमारे जीवन में, रिश्तों में प्यार, खुशी के रंग भरता है। इस बार की सर्दियां कोरोना इंफेक्शन का डर भी साथ लाई है। ऐसे में सर्द मौसम में सेहत को लेकर और ज्यादा सतर्कता की दरकार है। जरूरी है कि आई गाइडलाइंस के साथ सर्दी के मौसम का मजा लिया जाए।
इम्यूनिटी बढ़ाने पर करें फोकस
सर्दियों को इम्यूनिटी बूस्टर मौसम कहें तो गलत नहीं होगा। हमारे पारंपरिक तौर-तरीकों में भी यह समय सेहत की संभाल के महीनों में गिना जाता है। परंपरागत जीवनशैली में हमेशा से ही ठंड का मौसम पौष्टिक आहार का मौसम रहा है। ताजी हरी सब्जियां और ठेठ देसी खान-पान का मजा लेना, इस मौसम की खासियत है। इस मौसम में एक तरफ हरी सब्जियों की बहार होती है, तो दूसरी ओर तिल, मूंगफली गुड़, मेवे और घी का स्वाद लिया जाता है। जायके का मौसम मानी जाने वाली सर्दियों में साल के दूसरे मौसम के मुकाबले थोड़ा गरिष्ठ भोजन भी खाया जा सकता है। कहते भी हैं, स्वाद और सेहत के इस मौसम का खाया-पीया शरीर को साल भर ऊर्जा देता है। इस ऋतु में हमारे पास खाने-पीने की चीजों के तमाम तरह के विकल्प होते हैं, जो अच्छी सेहत के लिए वरदान हैं। खासकर हमारी सेहत के लिए प्रकृति की नेमत कही जाने वाली धूप कुदरती ढंग से शरीर को विटामिन 'डी' की डोज देती है। आंवला और अदरक इस मौसम में खूब सेवन होता है। कोरोना के समय इन चीजों को इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर दुनिया भर में इस्तेमाल किया गया। इस तरह आप भी सर्दी के मौसम अपनी और अपनों की हेल्थ को बेहतर बनाएं।
अपनों से बढ़ाएं जुड़ाव
बीते कुछ महीनों में हमने अपनों और अपनेपन के मायने गहराई से समझे-जाने हैं। कोरोना के इस संकट से काल में अपनों के साथ और प्यार ने ही हमें निराशा, अवसाद से दूर रखा है। जाड़े का मौसम तो हमेशा से ही इस अपनेपन को पोषित करता रहा है। गांवों की चौपाल से लेकर शहरों की छोटे-छोटे मकानों की बालकनी तक, हर दिन सर्दी की अलसाई सुबह और सर्द शाम में अपनों से जुड़ाव का माहौल देखा जा सकता है। देखने में आता है कि ठंड के मौसम में प्रकृति ही नहीं, पारिवारिक माहौल भी बदल जाता है। ऐसे में साथ बैठ-बतियाने से हमारे रिश्तों को पोषण मिलता है। यह साथ हमारे संबंधों को सींचता-सहेजता है। सर्दी में अपनों के साथ बैठ चाय पीना, रात को अलाव जलाकर घंटों साथ बैठ बतियाना मन को खुशी देता है। इसी तरह सर्दी की सुहावनी धूप में अपनों के साथ बैठना भी अच्छा लगता है। आप भी इन सर्दियों को अपने रिश्तों को प्यार से सींचने का जरिए बनाइए।
खुद को रखें हमेशा एक्टिव
ठंड के मौसम की सुबह अलसाई-सी होती है। सुस्ती के चलते हमारी एक्टिविटीज थोड़ी कम हो जाती हैं। सुबह देर तक ठहरी रहने वाली धुंध और शाम को जल्दी दस्तक देता अंधेरा और ठंड हमें सुस्त बना देता है। ऐसे में आलस से दूरी बनाने और तरोताजा रहने के लिए खुद को एक्टिव रखने की कोशिश जरूरी है। कोरोना काल में आप बाहर ना जा पाएं तो एक ही जगह बैठे रहने के बजाय घर के भीतर भी चहलकदमी करते रहें। फिजिकली एक्टिव रहने के लिए योग, स्ट्रेचिंग और स्ट्रेंथ वर्कआउट्स, तो घर के अंदर भी आसानी से किए जा सकते हैं। यूं भी सर्द मौसम सर्दी-जुकाम, फ्लू और वायरल जैसी बीमारियां साथ लाता है। ऐसे में एक्सरसाइज करना और दिन भर गर्म पानी पीना न केवल मेटाबॉलिज्म के साथ डाइजेशन सही रखता है बल्कि कई तरह संक्रमण और सर्दी-जुकाम से भी बचाता है।
इन सभी बातों का ख्याल रखकर, इन्हें अमल में लाकर आप इस बार भी सुहानी सर्दी का आनंद ले सकती हैं, अपने जीवन में खुशियों के रंग भर सकती हैं।
बुजर्गों-बच्चों का रखें ज्यादा ख्याल
ठंड के मौसम में बुजुर्गों और बच्चों को लेकर खास सावधानी बरतने की दरकार होती है। इन सर्दियों में कोरोना के कारण बच्चों और बुजुर्गों की थोड़ी एक्सट्रा केयर करने की जरूरत है। उनके खानपान का खास ध्यान रखना है। कोरोना के कारण इन दिनों गर्म पानी और गर्म औषधियों का सेवन भी फायदेमंद है। काढ़ा और हल्दी का दूध पीना हर तरह के संक्रमण से बचाता है। आयुष मंत्रालय के सुझावों में भी गर्म पानी, काढ़ा पीने की बातें शामिल हैं। कोरोना काल में इन्हें फॉलो करते हुए बच्चों और बुजुर्गों की सेहत आसानी से संभाली जा सकती है।
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